MS Power Point - पावर पॉइंटर एमएस-ऑफिस के अंतर्गत एक प्रोग्राम है, जिसके द्वारा आप
स्लाइडों पर आधारित प्रस्तुतीकरण सामग्री तैयार कर सकते है। पावर-पॉइंट प्रोग्राम विभिन्न
प्रकार के प्रस्तुतीकरण सरलता और शीघ्रता से तैयार करने, उन्हें सुधारने, छांटने
तथा प्रस्तुतीकरण करने में बहुत उपयोगी सिद्ध होता है।
पावर-पॉइंट की मदद से आप मुख्यत: निम्नलिखित कार्य कर सकते है।–
·
कंप्यूटर तथा
वीडियो आधारित स्लाइड शो
·
बैठकों के लिए छपी
हुई सामग्री
·
वक्ता के लिए
विस्तृत नोट्स आदि।
पावर पॉइंट में प्रस्तुतीकरण सामग्री तैयार करने में उन्हीं
तकनीकों का प्रयोग किया जाता है, जो एमएस-ऑफिस के सभी प्रोग्रामों में प्रयोग की जाती है। इसके
साथ ही आप अन्य प्रोग्रामों द्वारा तैयार की गयी सूचनाओं या सामग्री जैसे टेक्स्ट
(Text), चार्ट, वर्कशीट, ग्राफ़िक्स आदि को भी पावर पॉइंट की स्लाइडों में
शामिल कर सकते है।
पावर पॉइंट को अच्छी तरह समझने और उसका प्रयोग करने के लिए
उसमें प्रयोग किए जाने वाले कुछ शब्दों को समझ लेना आवश्यक है। इसके मुख्य शब्दों
का परिचय निम्न प्रकार से है:-
स्लाइड (Slide):- प्रस्तुतीकरण के प्रत्येक पृष्ठ को स्लाइड कहा जाता
है। प्रस्तुतीकरण में आप स्लाइड बनाते है या उसमें सुधार करते है। प्रत्येक स्लाइड
किसी विशेष बात को उभारने के लिए बनायी जाती है। उदाहरण के लिए, यदि आप किसी प्रोजेक्ट के लिए प्रस्तुतीकरण
बना रहे है, तो एक स्लाइड
में प्रोजेक्ट का नाम आदि, दूसरी स्लाइड में प्रोजेक्ट का उदेश्य, तीसरी में उसके मुख्य भाग, इसी प्रकार आगे भी स्लाइडें तैयार की जाती
है।
वक्ता के नोट (Speaker’s Notes):- ये ऐसी
सूचनाएँ है जो वक्ता को प्रस्तुतीकरण के समय कुछ बातें याद दिलाने के लिए दी जाती
है। ये सामान्यतया कागज़ पर छपे हुए साधारण वाक्य या सूचनाएँ होती है।
प्रस्तुतीकरण के समय ये बातें स्लाइडों पर दिखायी नहीं देतीं है।
हैंडआउट (Handouts):- ये कुछ
ऐसे पर्चे होते है, जो
श्रोताओं में बांटे जाते है। इन पर प्रस्तुतीकरण की सभी या चुनी हुई स्लाइडें छापी
जाती है। पावर पॉइंट में एक पृष्ठ पर आप एक से लेकर छः तक स्लाइडें छाप सकते है।
प्रस्तुतीकरण फाइल (Presentation
File):- किसी विशेष विषय पर प्रस्तुतीकरण की सभी स्लाइडों
को एक फाइल में रखा जाता है, जिसे प्रस्तुतीकरण फाइल कहते है। पावर
पॉइंट की इन फाइलों के नाम का विस्तार भाग सामान्यतः: PPT होता है, जैसे PROJ1.PPT. प्रत्येक
प्रस्तुतीकरण की सभी जानकारियां, वक्ता के नोट्स तथा ध्वनि आदि के प्रभाव, यदि आपने शामिल किये
हो, एक ही
फाइल में रखे जाते है, ताकि उन्हें नकल करना और प्रयोग करना सरल हो।
मास्टर स्लाइड (Master Slide):- यह ऐसी
स्लाइड होती है, जिसमे
ऐसी सूचनाएँ या सामग्री दी जाती है, जो प्रस्तुतीकरण की
प्रत्येक स्लाइड में शामिल की जाती है। उदाहरण के लिए, आप चाह सकते है कि
आपका या कंपनी का नाम, लोगों, प्रस्तुतीकरण की
तिथि आदि प्रत्येक स्लाइड पर दिखायी पड़े। यह कार्य मास्टर स्लाइड द्वारा किया
किया जाता है।
कलर स्कीम (Color Scheme):- पावर
पॉइंट में आप अपने प्रस्तुतीकरण के सभी अवयवों (Components) के लिए
रंग योजना या नियम तय कर सकते है जैसे बैक ग्राउण्ड का रंग, विभिन्न शीर्षकों के
रंग आदि। पावर पॉइंट में बहुत सी कलर स्कीम पहले से तैयार उपलब्ध है। आप उन्हें या
तो वैसे ही प्रयोग कर सकते है या अपनी सुविधा से उनमें सुधार कर सकते है।
पावर पॉइंट टैम्प्लेट (Power Point
Template):- पावर पॉइंट की किसी
टैम्प्लेट में एक मास्टर स्लाइड और कलर स्कीम सम्मिलित होती है। पावर पॉइंट में
पहले से ही परिभाषित सैकड़ो टैम्प्लेट उपलब्ध है, जिनमें से आप किसी
का भी प्रयोग कर सकते है। यदि आपने अपना प्रस्तुतीकरण तैयार किया है, जिसमें आपकी अपनी
नयी मास्टर स्लाइड और कलर स्कीम है, तो आप उसका उपयोग
टैम्प्लेट की तरह कर सकते है। किसी प्रस्तुतीकरण का स्वरूप पूरी तरह बदलने के लिए
आपको केवल अलग टैम्प्लेट का प्रयोग करना होगा। पावर पॉइंट उस टैम्प्लेट के आधार पर
रंग, फॉण्ट
आदि में परिवर्तन स्वंय कर लेगा।
Power Point View – पावर पॉइंट में स्लाइडों में सूचनाएँ भरने, सम्पादित करने तथा उन्हें देखने की कई
विधियां होती है, जिन्हें व्यू
कहा जाता है। इनके द्वारा स्लाइडों में टेक्स्ट (Text) भरने, सम्पादित करने में तथा उनको सही क्रम देने में बहुत सहायता
मिलती है। पावर पॉइंट में 05 व्यू होते है:
·
सामान्य व्यू (Normal View)
·
आउटलाइन व्यू (Outline View)
·
स्लाइड व्यू (Slide View)
·
स्लाइड सॉर्टर व्यू
(Slide Sorter View)
·
स्लाइड शो व्यू (Slide Show View)
·
सामान्य
व्यू (Normal View):- इस व्यू
में आप पावर पॉइंट की स्लाइडों पर लगभग सभी क्रियाएं कर सकते है। इसमें पावर पॉइंट
की विंडो को तीन भागों में बांटकर दिखाया जाता है, इसके बाएं भाग में
टेक्स्ट पर और दाएं ऊपरी भाग में चित्रों, रंगों आदि पर कार्य
किया जा सकता है। इसके साथ ही दाएं नीचे के भाग में आप नोट्स भर सकते है। इस व्यू
में किसी स्लाइड के लिए नोट्स जोड़ने के लिए आप दायीं ओर नीचे के बॉक्स को क्लिक
करके सक्रिय कर सकते है। फिर उस बॉक्स में नोट्स उसी तरह टाइप और सम्पादित (Edit) कर सकते
है, जिस तरह
अन्य बॉक्सों में किया जाता है।
·
आउटलाइन व्यू (Outline View):- इस व्यू
में हमें अपने प्रस्तुतीकरण की रूप रेखा या ढाँचा दिखायी पड़ता है, जिसमें प्रत्येक
स्लाइड का शीर्षक तथा मुख्य-मुख्य बिन्दु दिखाए जाते है। यह व्यू वास्तव में
सामान्य व्यू जैसा ही है, लेकिन जैसे ही आप इसके बायें भाग में कर्सर ले जाते
है या क्लिक करते है, यह आउटलाइन व्यू का रूप ले लेता है, जिसमें मुख्य तौर पर
टेक्स्ट पर कार्य किया जाता है। इसमें बायीं ओर एक टूल बॉक्स खुल जाता है, इसमें बायीं ओर एक
टूल बॉक्स खुल जाता है, जिसके बटनों से अनेक कार्य किये जा सकते है।
·
स्लाइड
व्यू (Slide View):- इस व्यू
में आप एक बार में एक स्लाइड देख सकते है। इसमें हम स्पष्ट रूप से यह देख सकते है
कि हमारे द्वारा तैयार की गयी स्लाइड देखने में कैसी लगेगी। इसमें रंग, बैकग्राउंड, शेड, चित्र आदि सभी चीजें
देखी जा सकती है। आपको स्लाइड व्यू में एक स्लाइड दिखाई देगी, इस व्यू में आप
स्लाइड में भरे टेक्स्ट को सुधार भी सकते है।
·
स्लाइड सॉर्टर व्यू (Slide Sorter
View):- इस व्यू में आप प्रस्तुतीकरण की सभी स्लाइडों को
एक साथ छोटे रूप में देख सकते है, जिसमें सभी टेक्स्ट (Text) तथा
चित्र (Graphics)
भी दिखाए जाते है। स्लाइड सॉर्टर व्यू में आप
स्लाइडों को अपनी इच्छानुसार किसी भी क्रम (Order) में लगा सकते है।
यहां तक कि एक स्लाइड के ऊपर दूसरी स्लाइड के ऊपर दूसरी स्लाइड भी लगा सकते है।
·
इसमें स्लाइड बदलने
(Transition)
की विधि तथा स्लाइड बदलते समय एनीमेशन के प्रभाव
(Animation
effects) भी सेट किये जा सकते है। इसके साथ ही ऑटोमेटिक
स्लाइड शो के लिए प्रत्येक स्लाइड का समय (Timing) भी तय किया जा सकता
है। इतना ही नहीं इसमें आप विभिन्न एनीमेशन प्रभावों का अवलोकन भी कर सकते है।
·
स्लाइड शो व्यू (Slide Show View):- इस व्यू
में पावर पॉइंट के अन्य
सभी तत्वों को गायब करके एक बार में एक स्लाइड को उसके पूरे रूप में दिखाया जाता
है तथा उसके बाएं कोने पर एक छोटा प्रतीक (Icon) भी दिया जाता है।
Use of Function
:-
Home> Slides >
New Slid - नया स्लाइड जोड़ने के लिए इस फंक्शन का प्रयोग करते है
Layout - खुलीं हुई स्लाइड के लेआउट को बदलने के लिए इस फंक्शन का प्रयोग करते है
Reset - खुलीं हुई स्लाइड के फॉर्मेटिंग को क्लियर करने लिए इस फंक्शन का प्रयोग करते है
Delete - खुलीं हुई स्लाइड को हाटने लिए इस फंक्शन का प्रयोग करते है
Insert > Media clips >
Movie - मूवी क्लिप या वीडियो जोड़ने के लिए इस फंक्शन का प्रयोग करते है |
Sound - कोई ऑडियो साउंड जोड़ने के लिए इस फंक्शन का प्रयोग करते है |
Design>Theme – अपने स्लाइड को मनचाहे थीम्स फॉर्मेट में रखने के लिए इस फंक्शन का प्रयोग करते है |
Animation >Custom animation >
Add effect – विभिन्न प्रकार टेक्स्ट, ऑब्जेक्ट, पिक्चर, या
शेप को प्रस्तुत करने या हटने के तरीके को इफ़ेक्ट कहते है जो इस पन्नेल की सहायता
से लिया जा सकता है|
Entrance - ऑब्जेक्ट को प्रस्तुत करने वाले सभी इफ़ेक्ट इसके अंतर्गत आते है|
Emphasis -
Exit - ऑब्जेक्ट को हटाने वाले सभी इफ़ेक्ट इसके अंतर्गत आते है|
Motion -ऑब्जेक्ट को
दिशा अनुसार मूव करने वाले सभी इफ़ेक्ट इसके अंतर्गत आते है|
Transition to this slide – एक स्लाइड से दूसरे स्लाइड में जाते समय स्लाइड
का एनीमेशन, साउंड, गति आदि निर्धारित रखने के लिए इस फंक्शन का प्रयोग करते है |
Slide show (F5)- फुल
स्क्रीन पर प्रेजेंटेशन को दिखने के लिए
इस विकल्प का प्रयोग होता है|
Esc - स्लाइड शो बंद करने के लिए इस बटन का प्रयोग होता है|
From Beginning – प्रथम स्लाइड से स्लाइड शो करने के लिए इस फंक्शन का प्रयोग करते है |
From Current Slide – चालू स्लाइड से स्लाइड शो करने के लिए इस फंक्शन का प्रयोग करते है |
Custom slide show - स्लाइड शो का क्रम निर्धारित करने के लिए इस फंक्शन का प्रयोग करते है |
Hide Slide - स्लाइड शो के दौरान स्लाइड को नहीं दिखने या छिपा कर रखने के लिए
Microsoft Office Extension
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Microsoft Word files (*.doc, *.docx, *.rtf)
·
Microsoft Excel files (*.xls, *.xlsx)
·
Microsoft PowerPoint files (*.ppt, *.pptx)
·
PDF files (*.pdf)
·
Text files (*.txt)
·
.JPF/JPEF – यह एक फोटो के लिये File
extension है !
·
.MP3 – यह सबसे Common File extension है क्योंकि यह गाने और Multimedia के लिये
होती है जिनमे केवल sound शामिल ह !|
·
.WAV – यह भी Digital Audio की एक File extension है लेकिन इसकी क्वालिटी थोड़ी
अधिक होती है इसीलिये फाइल साइज़ भी बड़ा होता है !
·
.AMR – यह Mobile Device में
आडियो के लिये प्रयुक्त की जाती है !
·
.MKV – यह VLC के लिये Multiple
Audio से लेस एक Vidio फाइल है !
·
.MP4 – यह भी Vidio फाइल
के लिये File extension है|
·
.DAT – यह जो पुराने समय के CD Player आते थे उनमे काम आने वाली Vidio के लिये प्रयुक्त
होती थी जो Computer के आने के बाद अन्य File
extension से replace हो चुकी है !
·
.accdb – Access 2007 Database File के लिये
उपयोगी होता हैl
·
.db – Database File के लिये उपयोगी होता हैl
·
.dbf – Database File के लिये उपयोगी होता है
·
.mdb – Microsoft Access Database के लिये
उपयोगी होता है
·
.msg – Outlook Mail Message के लिये उपयोगी
होता है
·
.odt – Open Document Text Document के लिये
उपयोगी होता है
·
.pages – Pages Document के लिये उपयोगी होता
है
·
.rtf – Rich Text Format File के लिये उपयोगी
होता है
·
.tex – LaTeX Source Document के लिये उपयोगी
होता है
·
.wpd – WordPerfect Document के लिये उपयोगी
होता है
·
.wps – Microsoft Works Word Processor Document के लिये उपयोगी होता है
·
.jsp – Java Server Page के लिये उपयोगी होता
है
·
.php – PHP Source Code File के लिये उपयोगी
होता है
·
.rss – Rich Site Summary के लिये उपयोगी होता
है
·
.xhtml – Extensible Hypertext Mark-up Language File के लिये उपयोगी होता है !
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