Wednesday, September 13, 2023

MS Office - Word

MS Word (माइक्रोसॉफ्ट वर्ड)

MS Word -माइक्रोसॉफ्ट वर्ड (MS Word) एक प्रकार का वर्ड प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर है जिसका प्रयोग से डॉक्यूमेंट को बनाने, उसमें सुधार करने के लिए किया जाता है।

माइक्रोसॉफ्ट वर्ड की विशेषताएं (Features of MS Word)

(1) टेक्स्ट एडिटिंग (Text Editing) :-  एमएस वर्ड में टेक्स्ट को लिखना, लिखे हुए टेक्स्ट को एडिट करना, डिलीट करना, टेक्स्ट के कम्पोनेन्ट को मॉडिफाई करना आदि कार्य बहुत आसानी से होता है।

(2) फॉर्मेट टेक्स्ट (Format Text) :-  एमएस वर्ड में किसी टेक्स्ट या शब्द को अनेक प्रकार की शब्द डिजाइन से मॉडिफाई कर सकते हैं।

(3) इंडेंटेशन (Indentation) :- इंडेंटेशन का तात्पर्य पेज की बाउंड्री और टेक्स्ट के बीच अंतर से हैं इसके प्रयोग से टेक्स्ट और पेज बाउंड्री के बीच चारों तरफ से गैप को कम या ज्यादा कर सकते हैं।

(4) फाइंड एंड रिप्लेश (Find and Replace) :-  एमएस वर्ड में टाइप किए गए टेक्स्ट में से किसी विशेष कैरेक्टर या शब्द को आसानी से फाइंड किया जा सकता है।

(5) स्पेल चैक (Spell Check) :-   इसमें स्पेलिंग और ग्रामर को चेक करने की सुविधा होती है। यह ऑटोमेटिकली स्पेलिंग और ग्रामर की गलतियों को ढूंढता है और उसे सही भी करता है।

(6) मेल मर्ज (Mail Merge) :- मेल मर्ज के द्वारा एक पत्र अनेक व्यक्तियों को भेज सकते हैं अथवा कुछ सुविधाएं सूचनाएं बदलते हुए किसी दस्तावेज की अनेक प्रतियां निकाल सकते हैं।

(7) ग्राफिक्स (Graphics) :- इसके द्वारा विभिन्न प्रकार की आकृति जैसे कि व्रत, आयत, रेखाएं, त्रिभुज आदि अनेक प्रकार की ड्राइंग आसानी से बना सकते हैं।

माइक्रोसॉफ्ट वर्ड के अवयव (Components of MS Word)

(1) Tital Bar (टाइटल बार) :- यह माइक्रोसॉफ्ट वर्ड (MS Word) डॉक्यूमेंट में सबसे ऊपर एक रिबन (पट्टी) होती है, जो फाइल का नाम और जिस सॉफ्टवेयर में फाइल खुली रहती है उस सॉफ्टवेयर का नाम दिखाती है। टाइटल बार में 3 बटन होते हैं मिनिमाइज, मैक्सिमाइज, क्लोज

(2) स्टैण्डर्ड टूल बार (Standard Toolbar) :- इसमें फाइल और टेक्स्ट संबंधी कार्यों के लिए टूल रहते हैं, जैसे नई फाइल खोलना, पुरानी फाइल खोलना, फाइलों को सुरक्षित रखना।

(3) रिबन (Ribbon) :-  यह स्क्रीन के Top पर टाइटल बार के नीचे पट्टी होती है इसमें किसी कार्य को करने के लिए आदेशों का एक पैनल होता है।

(4) टैब (Tab) :- रिबन पर मेन्यू बार में कुछ बटन होते हैं इन बटन को टैब कहते हैं। इसका प्रयोग कैरेक्टर को संपादित करने, डॉक्यूमेंट का लेआउट बदलने, पेज के अनेक प्रकार के प्रीव्यू देखने, पेज में कोई नया चित्र, ग्राफ जोड़ने के लिए करते हैं। – Tabs के अंतर्गत निम्नलिखित बटन आते हैं – (i) होम टैब, (ii) इनसर्ट टैब,(iii) पेज लेआउट टैब,(iv) रिव्यु टैब, (v) व्यू टैब

(5) रूलर (Rular) :- यह डॉक्यूमेंट विंडो के टॉप पर और उसके बाएं तरफ दिखाई देता है इसका प्रयोग किसी डॉक्यूमेंट में टेक्स्ट के क्षितिज और ऊर्ध्वाधर हाशिये को देखने के लिए करते हैं। रूलर्स दो प्रकार के होते हैं –(i) क्षेतिज रूलर (ii) ऊर्ध्वाधर रूलर

(6) स्टेटस बार (Status Bar) :- यह डॉक्यूमेंट से संबंधित कुछ सूचनाएं जैसे पेज नंबर, करेन्ट पेज, टेम्पलेट, कॉलम नम्बर और लाइन नम्बर को दिखाता है।

(7) कर्सर (Cursor) :- इसे इनसर्शन पॉइन्टर भी कहते हैं यह किसी टेक्स्ट के प्राथमिक बिन्दु को दर्शाता है। यह जिस स्थान पर होता है उसी स्थान पर कोई टेक्स्ट टाइप होती है।

Use of office Button –

Ø  New- नई फाइल या डॉक्यूमेंट में काम करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है. (Ctrl + N)

Ø  Open -पुरानी फाइल या डॉक्यूमेंट को खोलने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है. (Ctrl + O, Ctrl + F12)

Ø  Save- कार्य कर रहे फाइल सुऱक्षित करने के प्रयोग किया जाता है. (Ctrl + S या Shift + F12)

Ø  Save as- कार्य कर रहे फाइल को किसी दूसरे नाम, स्थान  या प्रकार से सुऱक्षित करने के प्रयोग किया जाता है.

Ø  Print- बनायीं गए फाइल को हार्डकॉपी (पेपर ) में छापने  के लिए इसका प्रयोग किया जाता है. (Ctrl + P)

Ø  Prepare-इसका प्रयोग फाइल के अन्य Journal, Summury देखने एवं भरने के लिए है साथ-साथ इसकी सहायता से आप अपने डॉक्यूमेंट की सिक्योरिटी को बढ़ा सकते हैं।

Ø  Send- बनाई गई फाइल को  इ मेल करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है.

Ø  Public-  बनाई गई फाइल को  ब्लॉग के रूप में बनाने के लिए  इसका प्रयोग किया जाता है.

Ø  Close -फाइल को बंद करने के लिए इसका प्रयोग करते है Alt + F4

 

Tab or Menu के फंक्शन का प्रयोग :-

 

Home Tab -

Ø  Clipboard - क्लिपबोर्ड एक ऐसा फक्शन है जिसमे चुने गए टेक्स्ट या चित्र को कॉपी या हटा कर क्लिपबोर्ड में रखने  के लिए| इसमें अधिकतम 24 आइटम कट या कॉपी कर रख सकते है |

o   Cut- चुने गए टेक्स्ट या चित्र को  हटा कर क्लिपबोर्ड में रखने के लिए(Ctrl + X)

o   Copy-चुने गए टेक्स्ट या चित्र को कॉपी  कर क्लिपबोर्ड में रखने  के लिए(Ctrl+ )

o   Past-कट या कॉपी  किये गए टेक्स्ट या पिक्चर को कर्सर  के स्थान पर लेन के लिए इसका प्रयोग किया जाता है|(Ctrl + V)

Ø  Font - (Ctrl+D)

o   Font- टेक्स्ट की भाषा या भाषा का शैली चयन करने के लिए ( By Default - Calibri (Body))

हिंदी के लिए Kruti dev 010 का प्रयोग किया जाता है|

o   Size-  चुने गए टेक्स्ट का आकार निर्धारित करने के लिए ( By Default- 11, Min-8, Max-72)

o   Grow font- चुने गए टेक्स्ट का आकार बढ़ाने  के लिए (Ctrl+] )

o   Shrink font- चुने गए टेक्स्ट का आकार कम करने के लिए(Ctrl+ [)

o   Bold- चुने गए टेक्स्ट को मोठे या भारी आकार में करने के लिए (Ctrl+B)

o   Italic- चुने गए टेक्स्ट को तीरछे आकार  में करने के लिए(Ctrl+i)

o   Underline- चुने गए टेक्स्ट  के निचे लाइन देने  के लिए(Ctrl+U)

o   Strikethrough- चुने गए टेक्स्ट के पर लाइन देने  के लिए

o   Subscript - शब्दों के निचे छोटे शब्दों में लिखने के लिए Exm. - H2O (Ctrl+=)

o   Super Script- शब्दों के ऊपर छोटे शब्दों में लिखने के लिए Exm.- 10th (Ctrl+shift+ + )

o   Case -

§  Sentence Case- वाक्य के पहले शब्द के पहले लेटर को बड़ा (Capital) रखने के लिए

§  lower case- चुने गए सभी शब्दों को छोटा शब्दों (Small letter) में रखने के लिए

§  UPPER CASE- चुने गए सभी शब्दों को छोटा शब्दों (Capital letter) में रखने के लिए

§  Capitalize Each Word- चुने गए सभी शब्दों के पहले लेटर को बड़ा (Capital) रखने के लिए

§  tOGGLE cASE- चुने गए सभी शब्दों के पहले लेटर को छोटा (Small letter) रखने के लिए

 

o   Highlight color -शब्दों के बैकग्राउंड को कलर करने के लिए

o   Font Color -शब्दों का कलर चुनने के लिए

 

Ø  Paragraph

o   Bullet              - पैराग्राफ के मुख्य लाइन के सामने बुलेट या कोई चिन्ह लाने के लिए

o   Numbering     - पैराग्राफ के मुख्य लाइन के सामने नंबर सिस्टम लाने के लिए

o   Indent             - पैराग्राफ में एक निश्चित दुरी छोड़ने  के लिए (Ctrl+M)

o   Left Align       - पैराग्राफ को बायीं  और से  लिखने के लिए (Ctrl+L)

o   Right Align    - पैराग्राफ को दायी और से  लिखने के लिए(Ctrl+R)

o   Center Align  - पैराग्राफ को डॉक्यूमेंट के बीच  से  लिखने के लिए(Ctrl+E)

o   Justify Align - पैराग्राफ को जमाकर और से  लिखने के लिए(Ctrl+J)

Ø  Styles- किसी टेक्स्ट के डिज़ाइन, कलर, साइज को सेट कर स्टाइल में रखने  लिए इसका प्रयोग किया  जाता है ताकि उस स्टाइल का प्रयोग एक क्लिक में किया जा सके|

Ø  Editing

o   Find                - किसी भी शब्द को खोजने के लिए(Ctrl+F)

o   Replace          - किसी भी शब्द को बदलने के लिए(Ctrl+H)

o   Select             - किसी या सभी शब्द या वस्तु का चयन करने के लिए

 

Insert Tab-

Ø  Pages

o   Cover Page -किसी भी डॉक्यूमेंट के प्रथम पेज जिसमें उसे डॉक्यूमेंट का विषय एवं उससे जुड़ी बातें लिखी होती है। इस पेज आकर्षक बनाया जाता है। कुछ कवर पेज पहले से उपलब्ध होते हैं एवं कुछ इसकी सहायता से बनाए जा सकते हैं| 

o   Blank page -खाली पेज लेने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है

o   Page Break -कर्सर के बाद सभी शब्दों को अगले पेज में ले जाने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है|

Ø  Table  - सूचीबद्ध कार्य करने के लिए Row एवं Column की आवश्यकता होती है जब Row एवं Column का प्रयोग कर जानकारी बनाई जाती है तो उसे टेबल कहते हैं एवं टेबल को और आकर्षक बनाने के लिए Design &  layout मेनू का प्रयोग किया जाता है।

Ø  Illustrations

o   Picture    - किसी प्रकार की फोटो को लाने के लिए इस फंक्शन का प्रयोग किया जाता है

o   Clip art    - एमएस ऑफिस के पिक्चर कलेक्शन एवं मीडिया टाइप से फोटो लाने के लिए इसका उपयोग करते हैं इसमें अधिकतर कार्टूनिक पिक्चर होते हैं जिन्हें सेप की मदद से बनाए जाते हैं| 

o   Shapes    - इसके अंतर्गत विभिन्न प्रकार के सेप का इस्तेमाल किया जाता है एवं इसके प्रयोग से  अन्य ग्राफिक सेप बनाया, ग्राफिक डिजाइन कर सकते हैं

o   Smart Art    - यह पहले से डिजाइन सेप होते हैं जिनका प्रयोग विषय के अनुसार अलग-अलग कार्यों में किया जा सकता है। 

o   Chart - संख्यात्मक जानकारी को ग्राफ की मदद से दिखाने के लिए इस विकल्प का प्रयोग किया जाता है।

Ø  Link

o   Hyper link - किसी डॉक्यूमेंट को यदि एक टैक्स के माध्यम से जोड़ा जाता है तो इसे हाइपरलिंक कहते हैं। इसका प्रयोग अधिकतर वेब ब्राउजिंग में किया जाता है। जहां है टैक्स एक डॉक्यूमेंट से जुड़ा होता है। (Ctrl+K) 

o   Bookmark - डॉक्यूमेंट के इंपोर्टेंट हेडिंग एवं पैराग्राफ को बुकमार्क में ऐड करके रखा जा सकता है एवं कभी भी एक क्लिक में उसे हेडिंग तक पहुंचा जा सकता है।

o   Cross-reference – बनाए गए विभिन्न प्रकार के बुकमार्क इक्वेशन टेबल को क्रॉस रेफरेंस के द्वारा एक क्लिक में प इंसर्ट करके लाया जा सकता है|

 Ø  Header & Footer

o   Header - हर पेज के ऊपर दिखाए गए डिटेल को हेडर कहा जाता है।

o   Footer - हर पेज के नीचे दिखाए गए डिटेल को फूटर कहा जाता है जैसे पेज का नंबर दिनांक डॉक्यूमेंट का लोकेशन फाइल का नाम आदि।

o   Page Number- पेज का नंबर दिखाने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है|

Ø  Text

o   Text Box - बॉक्स के अंदर टैक्स लिखने के लिए टेक्स्ट बॉक्स का उपयोग किया जाता है इससे हम टैक्स को आसानी से एक जगह से दूसरे जगह स्थानांतरित कर पाते हैं।

o   Word art - किसी शब्द को विशेष प्रकार के डिजाइन में लिखने के लिए इस फंक्शन का प्रयोग किया जाता है फॉर्मेट का उपयोग करते हुए उसे टैक्स को और आकर्षक बनाया जा सकता है।

o   Drop cap - किसी पैराग्राफ में लिखे गए शब्दों के पहले लेटर को बड़ा रखने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है यह मुख्ता दो प्रकार का होता है 1. Drapped, 2. In Margin जिसमें 03 लाइन By Default एवं 10 लेने अधिकतम ली जा सकती है।

o   Signature line - मुख्य सिग्नेचर शीर्ष,पद दिखाने के लिए इस फंक्शन का प्रयोग किया जाता है।

o   Date & time -विभिन्न प्रकार के समय एवं तिथि दिखाने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।

o   Object - एमएस ऑफिस में किसी अन्य प्रकार के फाइलों का उपयोग करने के लिए इस का उपयोग किया जाता है।

Ø  Symbol

o   Equation -गणितीय फंक्शन बनाने के लिए इस विकल्प का प्रयोग किया जाता है

o   Symbol -विभिन्न प्रकार के चिन्ह मात्राएं अक्षर लाने के लिए इस विकल्प का प्रयोग किया जाता है

Page layout

Ø  Themes          - इस फंक्शन का प्रयोग डॉक्यूमेंट में लिए गए टेक्स्ट का कलर फंड एवं इफेक्ट सेट करने के लिए किया जाता है। थीम बनाकर सेट कर देने से पैराग्राफ एवं मैटर हमेशा उसी प्रकार से आएगा जिस प्रकार थीम निर्धारित किया गया है।

Ø  Page setup     -

o   Margins - पेज के चारों ओर एक निश्चित दूरी छोड़ी जाती है जिसे मार्जन कहते हैं। मार्जिन छोड़ने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। चार प्रकार के मार्जिन होते हैं top, bottom, left, right margin

o   Orientation - दस्तावेज़ के संपूर्ण या उसके भाग के लिए या तो Portrait (ऊर्ध्वाधर) या Landscape (क्षैतिज) ओरिएंटेशन चुन सकते हैं।

o   Size     -  पेज की साइज निर्धारित करने के लिए इस फंक्शन का प्रयोग किया जाता है।

o   Columns - पैराग्राफ को कालम वॉइस लिखने के लिए इस विकल्प का प्रयोग किया जाता है। किसी भी डॉक्यूमेंट में by default  एक कालम होता है।

o   Breaks - इस ऑप्शन का प्रयोग लाइन, पैराग्राफ, पेज या कालम को तोड़ने के लिए किया जाता है।

o   Line Numbers - पैराग्राफ में लिखे हर लाइन में नंबर लाने और हटाने के लिए इस ऑप्शन का प्रयोग करते हैं।

Ø  Page background

o   Watermark - इस ऑप्शन का प्रयोग बनाए गए डॉक्यूमेंट के हर पेज के बैकग्राउंड में किसी प्रकार की टैक्स या पिक्चर, लोगो दिखाने के लिए किया जाता है। जैसे कॉपीराइट एवं कॉन्फिडेंशियल लिखना।

o   Page color - इस ऑप्शन का प्रयोग डॉक्यूमेंट के बैकग्राउंड को कलर या किसी प्रकार के इफेक्ट देने के लिए किया जाता है। यह बैकग्राउंड कलर प्रिंट में नहीं दिखाई पड़ता।

o   Page borders - पेज के चारों ओर बॉर्डर देने के लिए पेज बॉर्डर का उपयोग किया जाता है। साथ साथ पैराग्राफ के चारों ओर बॉर्डर देने एवं पैराग्राफ बैकग्राउंड को कलर करने के लिए भी किया जाता है

Ø  Paragraph

o    Indent -इस ऑप्शन की सहायता से यदि मार्जिन के बाद जगह छोड़नी हो तब indent का प्रयोग किया जाता है लेफ्ट में जगह छोड़नी हो तो लेफ्ट इंडेंट और राइट में जगह छोड़ दी हो तो राइट इंडेंट का प्रयोग किया जाता है।

o   Spacing - चुने गए पैराग्राफ के पहले एवं बाद में जगह छोड़ने के लिए इस ऑप्शन का प्रयोग किया जाता है।

Ø  Arrange –

o   Position - इस ऑप्शन का प्रयोग किसी ऑब्जेक्ट या वस्तु को एक पैराग्राफ में जामा कर रखने के लिए किया जाता है।

o   Bring to front - चुने गए ऑब्जेक्ट को किसी दूसरे ऑब्जेक्ट के ऊपर रखने के लिए इस ऑप्शन का प्रयोग करते हैं।

o   Sent to back - चुने गए ऑब्जेक्ट को किसी दूसरे ऑब्जेक्ट के पीछे रखने के लिए इस ऑप्शन का प्रयोग करते हैं।

o   Text wrapping - इस ऑप्शन का प्रयोग किसी ऑब्जेक्ट या वस्तु को एक पैराग्राफ में जामा कर रखने के लिए किया जाता है।

o   Align - ऑब्जेक्ट का एलाइनमेंट निर्धारित करने के लिए इस विकल्प का प्रयोग किया जाता है।

o   Group - जब विभिन्न प्रकार के ऑब्जेक्ट का प्रयोग करके एक नया ऑब्जेक्ट बनाया जाता है तब ग्रुप के माध्यम से उसे एक साथ जोड़ा जा सकता है।

o   Rotation - रोटेशन के माध्यम से हम किसी ऑब्जेक्ट को चारों ओर घुमा सकते हैं।

 

Ø Mailings 

-       इस विकल्प का प्रयोग किसी एक डॉक्यूमेंट को कई नाम से प्रिंट या ईमेल करने के लिए करने इसका उपयोग किया जाता है। जैसे इनविटेशन कार्ड आईडी कार्ड एडमिट कार्ड आदि।

एक लेटर को कई नाम से प्रिंट, ईमेल करने के लिए निम्न क्रम होंगे :-

1. पहले लेटर तैयार करें यह मुख्य एप्लीकेशन होता है।

2. Start mail merge से डॉक्यूमेंट का टाइप Normal Documents चुने।

3. Select recipients का उपयोग करते हुए Type a new list में जाकर अपनी वह लिस्ट तैयार कर save कर ले जिनके नाम से आपको लेटर प्रिंट करना है। इस Data Source कहलाता है।

4. यदि आपकी पास कोई लिस्ट पहले से बनी है तो उसे Use Existing List का उपयोग करते हुए उसे लिस्ट को ओपन कर सकते हैं। इस डाटा सोर्स कहा जाता है।

5. बनाए गए लिस्ट के Field को निर्धारित स्थान पर Insert merge field की सहायता से लाकर लेटर में Preview Results का उपयोग करते हुए उपरोक्त जानकारी को दिखाया जा सकता है।

6. Finish & Merge का उपयोग करते हुए एक साथ लेटर को प्रिंट या ईमेल भी किया जा सकता है।

o    Envelopes - उपरोक्त दस्तावेज में यदि आपको लिफाफा बनाना है तो Envelopes का उपयोग किया जा सकता है।

o   Label - इस पेज में टेबल के एक सेल से सेल में जानकारी बदलने के लिए लेवल का उपयोग किया जाता है लेबल अपडेट लेवल की सहायता से आसानी से एडमिट कार्ड या आईडी कार्ड बनाया जा सकते हैं।

Review

Ø  Proofing

Spelling & grammars - संबंधित दस्तावेज में स्पेलिंग एवं ग्रामर संबंधी गलतियों को ढूंढ कर सुधारने के लिए इस ऑप्शन का प्रयोग किया जाता है। एमएस ऑफिस ग्रुप की अपनी एक डिक्शनरी होती है उसे डिक्शनरी में जितने शब्द होते हैं उसे वह सही बताता है यह इंग्लिश में लिखते वक्त ही काम आता है तो यदि किसी शब्द में यदि लाल कलर आ रहा है तो उसकी स्पेलिंग गलत है एवं ग्रीन लाइन आ रही है तो वह ग्रामर की दृष्टि से गलत है जिसे माउस के राइट क्लिक या f7 प्रेस कर सुधर जा सकता है। साथ ही साथ डिक्सशनरी में शब्द जोड़े या सुधरे भी जा सकते है.

o   Research & Thesaurus - शब्दों के बारे में और विकल्प ढूंढना, सामनार्थी एवं विरुद्धार्थी शब्दों की जानकारी प्राप्त करने के लिए इस विकल्प का प्रयोग करते हैं एवं उसे इंसर्ट करके पेज पर लाया भी जा सकता है|

o   Translate - ट्रांसलेट की सहायता से किसी शब्द को एक भाषा से दूसरे भाषा में परिवर्तित किया जा सकता है

o   Word count - वर्ड काउंट की सहायता से पूरे डॉक्यूमेंट में लिखे गए शब्द, कैरक्टर विद स्पेस, कैरक्टर विदाउट स्पेस, पैराग्राफ, लाइन एवं पेज आदि की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकती है।

Ø  Comment - किसी शब्द या पैराग्राफ के संबंध में कोई अन्य जानकारी जो इस दस्तावेज के बाहर दी जानी है कमेंट के रूप में दे सकते हैं। साथी साथ कमेंट को Delete, Previous, Next की सहायता से हटाया या बदला भी जा सकता है।

Ø  Tracking - ट्रैकिंग की सहायता से सभी कमेंट को लाया एवं छिपाया भी जा सकता है

Ø  Protect documents - प्रोटेक्ट डॉक्यूमेंट की सहायता से किसी डॉक्यूमेंट को पासवर्ड देकर प्रोटेक्ट किया जा सकता है।

 

View

 

Ø  Document View

o   Print layout - किसी डॉक्यूमेंट को दिखाने के तरीके को व्यू कहा जाता है जब किसी डॉक्यूमेंट को प्रिंट करना हो तब उसे प्रिंट लेआउट व्यू में रखकर काम किया जाता है।

o   Full Screen Reading- डॉक्यूमेंट को फुल स्क्रीन पर देखने के लिए इस ऑप्शन का प्रयोग करते हैं।

o   Web layout- एमएस वर्ड की सहायता से वेब पेज डिजाइन करने के लिए वेब पेज लेआउट का उपयोग कर वेब पेज बनाया जाता है और उसे वेब पेज के रूप में सेव कर इंटरनेट पर अपलोड किया जाता है।

o   Outline- आउटलाइन या लेवल वाइज मटर को लिखने के लिए इस ऑप्शन का प्रयोग किया जाता है।

o   Draft- यदि किसी डॉक्यूमेंट का उद्देश्य केवल टैक्स राइटिंग है तब इस विकल्प का उपयोग किया जा सकता है इसमें भी किसी प्रकार के डिजाइन या पिक्चर का उपयोग नहीं किया जाता।

Ø  Show/hide – Ruler, Gridlines, Document, Thumbnails आदि को लाने या छुपाने के लिए किया जाता है

Ø  Zoom - अपने डॉक्यूमेंट को आवश्यकता अनुसार कार्य करने की दृष्टि से छोटा या बड़ा कर सकते हैं। डॉक्यूमेंट का वास्तविक आकर उतना ही होता है जितना निर्धारित किया गया है इसका फर्क उसे पर नहीं पड़ता।  एमएस वर्ड में न्यूनतम 10 एवं अधिकतम 500 की जा सकती है।

Ø  Windows

o   New Window - न्यू विंडो की सहायता से इस विंडो की एक और कॉपी ली जा सकती है जिस पर काम किया जा रहा है।

o   Arrange All - खुली हुई सभी विंडो को एक साथ जमाने के लिए अरेंज विंडो का उपयोग किया जाता है।

o   Split - किसी डॉक्यूमेंट को दो भाग में बांटने के लिए स्प्लिट विंडो का उपयोग किया जाता है इसकी सहायता से उपयोग करता डॉक्यूमेंट के दो अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कम कर सकता है

o   Switch windows - स्विच विंडो की सहायता से एक विंडो से दूसरे विंडो पर आसानी से जाया जा सकता है|

Ø  Macro - माइक्रो एक ऐसा विकल्प होता है जिसमें हम अपनी किए गए कार्यों को रिकॉर्ड कर सकते हैं एवं उसे एक बटन या शॉर्टकट के माध्यम से अपने उपयोग में बार-बार ला सकते हैं। साथ साथ प्रोग्रामिंग विकल्प का उपयोग करते हुए इसमें कुछ प्रोग्रामिंग जोड़ भी की जा सकती है।

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